लखनऊ
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को रायबरेली स्थित आधुनिक रेल कोच फैक्टरी का औचक निरीक्षण कर उत्पादन व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रक्रियाओं और गुणवत्ता मानकों का विस्तृत जायजा लिया। राज्यपाल के दौरे को लेकर फैक्टरी परिसर में सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा कारणों से किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई गई और पूरे परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने फैक्टरी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित अन्य आधुनिक यात्री डिब्बों के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कोच निर्माण में कौन-कौन सी नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने फैक्टरी के शेल शॉप का भी निरीक्षण किया। शेल शॉप वह महत्वपूर्ण इकाई है जहां ट्रेन के डिब्बों का बाहरी ढांचा तैयार किया जाता है। यहां उन्होंने मशीनों के संचालन, आधुनिक उपकरणों और निर्माण प्रक्रिया को करीब से देखा। अधिकारियों ने बताया कि फैक्टरी में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर तेज गति और बेहतर गुणवत्ता के साथ कोच तैयार किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिक हो रही है और रायबरेली रेल कोच फैक्टरी देश के रेल नेटवर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस दौरान उन्होंने चिंतन शिविर में भी हिस्सा लिया और उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा तकनीकी दक्षता में सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। राज्यपाल के दौरे को फैक्टरी प्रशासन ने महत्वपूर्ण बताते हुए इसे उत्पादन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम माना है।


