मोहम्मदाबाद। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक आस्था, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। इटावा-बरेली हाईवे स्थित ईदगाह में गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज अदा कर देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
सुबह 7:15 बजे जामा मस्जिद नूरी के इमाम नूरुल हसन ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज से पहले तकरीर करते हुए उन्होंने ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल एक रस्म नहीं बल्कि त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश है, जो हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत से जुड़ी हुई है।
इमाम साहब ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में अमन-चैन कायम रखने की अपील की। तकरीर के बाद नमाज अदा की गई, जिसमें नगर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे ईदगाह परिसर में खुशी और उत्सव का माहौल बना रहा।
बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। ईदगाह परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग भी ईदगाह पहुंचे और लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। पूरे क्षेत्र में दिनभर उत्साह और सौहार्द का वातावरण बना रहा।


