लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अनुशासनहीनता पर सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। राजधानी लखनऊ के चारबाग डिपो प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 संविदा बस चालकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आरोप है कि चालक बिना किसी सूचना के लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे थे, जिससे परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
डिपो प्रशासन के अनुसार संबंधित चालकों को कई बार नोटिस जारी कर ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कार्यभार संभाला। लगातार अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए परिवहन निगम ने सभी को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
कार्रवाई के तहत इन चालकों की सिक्योरिटी मनी भी जब्त कर ली गई है। साथ ही भविष्य में दोबारा संविदा भर्ती में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गई है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और बस संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सूत्रों के मुताबिक गर्मी और छुट्टियों के सीजन में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में चालक और परिचालकों की कमी से बस संचालन प्रभावित हो सकता था। इसी कारण निगम ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई है।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई के बाद संविदा कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य डिपो में भी उपस्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। निगम प्रबंधन ने साफ संकेत दिए हैं कि बिना सूचना ड्यूटी छोड़ने वालों पर अब सीधे कठोर कार्रवाई होगी।
चारबाग डिपो में बड़ा एक्शन: 9 संविदा बस चालक बाहर, ड्यूटी से गायब रहने पर काली सूची में डाले गए


