वाराणसी। धार्मिक जगत के प्रमुख संत एवं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर वाराणसी में विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां कुछ महिलाओं द्वारा उनके बयान के विरोध में लालपुर पांडेयपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, वहीं दूसरी ओर संत समाज और उनके समर्थकों ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और उन्होंने पुलिस से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसको लेकर लालपुर पांडेयपुर थाना परिसर में प्रदर्शन भी किया गया।
हालांकि, इस पूरे मामले में संत समाज के कई प्रमुख लोगों और अनुयायियों ने खुलकर जगतगुरु शंकराचार्य के सम्मान में समर्थन जताया है। उनका कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एक प्रतिष्ठित धार्मिक गुरु हैं, जिन्होंने हमेशा सनातन धर्म और समाज के हित में कार्य किया है। ऐसे में उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
समर्थकों का आरोप है कि यह विवाद धार्मिक छवि को धूमिल करने और संत समाज को बदनाम करने का प्रयास है। उनका कहना है कि बिना पूरे संदर्भ को समझे जिस तरह से विरोध किया जा रहा है, वह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
संत समाज से जुड़े लोगों ने यह भी कहा कि यदि किसी बयान पर आपत्ति है तो उसे संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि विरोध और आरोपों के जरिए माहौल खराब किया जाए।
वहीं, विरोध कर रही महिलाओं ने अपने आरोपों पर कायम रहते हुए कहा है कि बयान से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने खातों और अन्य पहलुओं की जांच की मांग भी उठाई है।
पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद शिकायत को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने वाराणसी के साथ-साथ प्रदेश की सियासत और धार्मिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।


