40.1 C
Lucknow
Sunday, June 14, 2026

ध्वस्तीकरण आदेश के बाद भी खड़ा है 5000 वर्गफुट का कथित अवैध हॉल

Must read

फर्रुखाबाद। शहर की ठंडी सड़क स्थित देवरामपुर क्रॉसिंग के पास बने एक विशाल व्यावसायिक भवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि संबंधित भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित होने के बावजूद आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि अब भवन को किराये पर देने की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविशंकर दुबे और नीता दुबे से संबंधित लगभग 5000 वर्गफुट क्षेत्रफल में निर्मित इस व्यावसायिक हॉल का निर्माण कथित रूप से पुराने और समाप्त हो चुके मानचित्रों के आधार पर किया गया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के लिए दो अलग-अलग भवन मानचित्र स्वीकृत किए गए थे, जिनकी वैधता वर्ष 2018 में समाप्त हो चुकी थी। आरोप है कि इन्हीं पुराने मानचित्रों का सहारा लेकर वर्ष 2023 में एक बड़े व्यावसायिक हॉल का निर्माण करा दिया गया।

 

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि स्वीकृत नक्शों में भवन के मध्य भाग में पिलरों का प्रावधान दर्शाया गया था, जबकि मौके पर निर्मित भवन को पूरी तरह पिलरलेस बताया जा रहा है। ऐसे में निर्माण की तकनीकी वैधता और भवन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का एक मानचित्र ऐसे व्यक्ति के नाम पर स्वीकृत था, जिनका निर्माण शुरू होने से पहले ही निधन हो चुका था। इसके बावजूद उसी स्वीकृति का उपयोग कर निर्माण कराए जाने की बात कही जा रही है। वहीं संबंधित भूमि को मास्टर प्लान 2021-2031 में सार्वजनिक एवं सामुदायिक उपयोग के लिए आरक्षित बताया जा रहा है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

 

दस्तावेजों के अनुसार संबंधित प्रकरण में 30 जनवरी 2024 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित कर दिया गया। बावजूद इसके न तो भवन को हटाया गया और न ही आदेश के अनुपालन को लेकर कोई दृश्यमान कार्रवाई सामने आई।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article