क्रासर
3500 रुपये के बजाय 12 हजार किराया लेने और 20 हजार रुपये वसूली का आरोप
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित सिख लाइट इन्फेंट्री रेजिमेंट सेंटर के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दुकान आवंटन और किराये को लेकर विवाद न्यायालय पहुंच गया। पूर्व सैनिक विवेक सिंह राठौर की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।कादरीगेट थाना क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी विवेक सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि मई 2023 में उन्हें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में दुकान आवंटित हुई थी। निविदा में दुकान का किराया 3500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित था। आरोप है कि अनुबंध पर हस्ताक्षर कराते समय कथित रूप से 12 हजार रुपये प्रतिमाह किराया लिखवा लिया गया। दुकान में लाखों रुपये का फर्नीचर और सामान लगाकर उन्होंने कारोबार शुरू किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में 12 हजार रुपये प्रतिमाह किराया देने का दबाव बनाया गया। साथ ही 20 हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली भी की गई। 10 जनवरी 2025 को कमांडेंट ब्रिगेडियर मनीष जैन और डिप्टी कमांडेंट गौरव बोस पर दुकान बंद कराने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।आरोप है कि दुकान बंद कराने के बाद अंदर रखा लाखों रुपये का सामान नहीं निकालने दिया गया और बाद में ताला तोड़कर दुकान किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दी गई। इससे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पूर्व सैनिक ने न्यायालय की शरण ली।सीजेएम ने विवेक सिंह राठौर बनाम मनीष जैन कमांडेंट ब्रिगेडियर आदि मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
पूर्व सैनिक की दुकान पर कब्जे और अवैध वसूली का आरोप, कोर्ट ने परिवाद दर्ज किया


