आगरा
भीषण गर्मी के बीच आगरा में पेयजल आपूर्ति और यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम मनीष बंसल ने मंगलवार को कैंप कार्यालय में जल निगम (नगरीय) के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि पानी की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यमुना में गिरने वाले 38 नालों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान ट्रांसयमुना जोन पेयजल पुनर्गठन योजना की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई। अगस्त 2025 में शुरू हुई इस परियोजना की अब तक सिर्फ 22.5 प्रतिशत प्रगति हुई है। डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 31 अगस्त 2027 तक हर हाल में 11 ओवरहेड टैंक और पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का काम पूरा किया जाए।
यमुना को साफ करने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने की बात कही है। बल्केश्वर, भैरों और मंटोला जैसे प्रमुख नालों सहित सभी गंदे नालों की तत्काल टैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 38 नालों को पाइपलाइन के माध्यम से टैप करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि गंदा पानी सीधे नदी में न जाए।
इसके अलावा जलकल विभाग को कई अहम निर्देश दिए गए हैं। पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने, जिन इलाकों में पानी की किल्लत है वहां टैंकर भेजने और पालड़ा झाल से आने वाले गंगाजल की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
बैठक में एडीएम नमामि गंगे जुहैर बेग, जल निगम और जलकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से शहर में जल संकट कम होगा और यमुना को प्रदूषण से राहत मिलेगी।


