32 C
Lucknow
Wednesday, May 6, 2026

बिहार कैबिनेट विस्तार: सत्ता में एंट्री लेंगे निशांत कुमार या जारी रखेंगे सीखने की राजनीति

Must read

पटना

बिहार की सियासत में इन दिनों निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन खुद निशांत कुमार ने अब तक किसी पद की इच्छा नहीं जताई है। वह फिलहाल राज्य भ्रमण पर हैं और राजनीति को करीब से समझने की बात कह रहे हैं।
दरअसल, जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने की चर्चा शुरू हुई थी, उसी समय से निशांत कुमार को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे कि उन्हें कभी मुख्यमंत्री तो कभी उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि जब सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री घोषित किया गया, तब भी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा रही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जदयू नेतृत्व ने अपने दो अनुभवी और विश्वसनीय नेताओं को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी।
अब जब बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है, तो एक बार फिर निशांत कुमार का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में सामने आ रहा है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह सिर्फ मीडिया और सोशल मीडिया तक सीमित चर्चा है, जदयू के अंदरखाने में फिलहाल ऐसी कोई ठोस बातचीत नहीं चल रही है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने साफ तौर पर कहा कि निशांत कुमार को इस समय मंत्री बनना उनके राजनीतिक कद के हिसाब से उचित नहीं होगा। उनका तर्क है कि कुछ ही समय पहले उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, ऐसे में अब मंत्री पद स्वीकार करना राजनीतिक रूप से ‘पीछे जाने’ जैसा माना जाएगा। साथ ही निशांत खुद भी यह कह चुके हैं कि वह पहले पूरे बिहार को समझना चाहते हैं, जनता से जुड़ना चाहते हैं और उसके बाद ही किसी जिम्मेदारी पर निर्णय लेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि जदयू में नीतीश कुमार के बाद यदि किसी का नाम सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है, तो वह निशांत कुमार ही हैं। ऐसे में अगर वह जल्दबाजी में मंत्रिमंडल का हिस्सा बनते हैं, तो उनकी मौजूदा ‘विशेष राजनीतिक स्थिति’ कमजोर हो सकती है।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने भी इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कुछ युवा नेता अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। उनके अनुसार, लंबी राजनीतिक पारी के लिए यह जरूरी है कि निशांत कुमार फिलहाल किसी पद की दौड़ से दूर रहें और जमीनी स्तर पर खुद को स्थापित करें।
फिलहाल सभी की नजरें नीतीश कुमार के अगले फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि जदयू में अंतिम निर्णय उन्हीं के स्तर से होता है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निशांत कुमार सक्रिय सत्ता की राजनीति में कदम रखते हैं या अभी सीखने और समझने की अपनी रणनीति पर कायम रहते

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article