– डीएम के निर्देशन मे सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तराल नें चलाया अभियान
– कई जगह अग्निशमन मिले बंद
– कई असरदार लोगों के प्रतिष्ठानो से रहा प्रशासन दूर
फर्रुखाबाद। लखनऊ के भीषण अग्निकांड के बाद डीएम डॉ अंकुर लाठऱ के निर्देश पर जिले में प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। हालांकि शहर में हुई कार्रवाई को लेकर खानापूर्ति के आरोप भी सामने आए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार , सीओ सिटी अभय वर्मा , नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा भारी पुलिस बल के साथ विभिन्न कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विशाल मेगा मार्ट समेत कई प्रमुख संस्थानों की जांच की गई।
जांच के दौरान कई स्थानों पर अग्निशमन उपकरण खराब या निष्क्रिय पाए गए। कुछ प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सिलेंडरों में पर्याप्त गैस तक नहीं मिली। वहीं कई जगहों पर आपातकालीन निकास, सुरक्षा संकेतक और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का भी अभाव देखने को मिला।
सूत्रों के अनुसार फतेहगढ़ से लालगेट तक चलाए गए अभियान में कई प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे से बाहर रखने की चर्चा भी रही। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभियान पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जाए तो शहर के कई बड़े प्रतिष्ठानों में गंभीर सुरक्षा खामियां उजागर हो सकती हैं।
लखनऊ हादसे के बाद प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क दिखाई दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल औपचारिक जांच के बजाय नियमित निरीक्षण और मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। अन्यथा किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं और कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।


