सीतापुर
सदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरैया चलाकापुर गांव में शनिवार रात हुआ भीषण अग्निकांड एक दिल दहला देने वाली त्रासदी में बदल गया है। इस हादसे में झुलसी सात वर्षीय मासूम मीनाक्षी ने रविवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर ओर चीख-पुकार व मातम का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात एक घर में खाना बनाते समय अचानक आग लग गई। शुरुआत में लोगों को आग की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके। देखते ही देखते लपटें आस-पास के हिस्सों तक फैलने लगीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
आग की भयावहता को देखते हुए गांव के लोग मौके पर जुट गए और बाल्टियों व अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
इस हादसे में पहले ही दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जबकि सात वर्षीय मीनाक्षी गंभीर रूप से झुलस गई थी। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार रविवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया। मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद से पूरे सरैया चलाकापुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, वहीं घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए एक बड़ी त्रासदी बनकर सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।


