वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक (रशियन सैंक्शन्स बिल) में ईरान को भी शामिल करने की मांग कर अपनी सख्त विदेश नीति के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का यही सही समय है और रिपब्लिकन पार्टी को नए प्रतिबंध कानून का दायरा बढ़ाना चाहिए।
अमेरिकी सीनेट में रूस और उसके सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पेश किए गए संशोधित विधेयक का उद्देश्य रूस के तेल और गैस निर्यात को निशाना बनाना है। इस विधेयक में रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर कड़े टैरिफ लगाने, रूस के प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई तथा रूस के सैन्य औद्योगिक तंत्र को सहयोग देने वाली कंपनियों पर भी सख्ती का प्रावधान किया गया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया जाता है तो उस पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव और अधिक मजबूत होगा।
ईरान को भी इस प्रतिबंध विधेयक में शामिल किया जाता है तो अमेरिका की रूस और ईरान दोनों के प्रति नीति और अधिक आक्रामक हो सकती है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर भी व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।


