शमशाबाद, फर्रुखाबाद। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शमशाबाद क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गांवों की गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं और खेत-खलिहान भी पानी से लबालब हैं। इस बीच जलभराव के कारण कई स्थानों पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसे ग्रामीण करीब 23 वर्ष बाद देख रहे हैं। खेतों और गलियों में भरे पानी में मछलियां तैरती नजर आईं तो लोगों ने डंडों के सहारे मछलियां पकड़नी शुरू कर दीं।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब 23 वर्ष पहले भी क्षेत्र में ऐसी ही विनाशकारी बारिश हुई थी। उस समय भारी जलभराव के चलते गांव की तमाम गलियां तालाब में बदल गई थीं और खेतों में भी पानी भर गया था। ग्रामीण खेत-खलिहानों में मछलियां पकड़कर मौज-मस्ती किया करते थे। लंबे अंतराल के बाद इस बार फिर वही दृश्य सामने आया है।
ग्राम रजला मई के निकट खेतों में बारिश का पानी भरने के बाद लोगों ने उसमें मछलियों को तैरते हुए देखा। देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और डंडों की मदद से मछलियां पकड़ने लगे। जलभराव के बीच मछलियां पकड़ते ग्रामीणों का यह नजारा चर्चा का विषय बना रहा।
कुइयां खेड़ा निवासी ब्रह्मानंद ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण तालाबों का पानी बहकर एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंच गया। पानी के तेज बहाव के साथ तालाबों की मछलियां भी खेतों और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में चली गईं। उन्होंने बताया कि तालाब में पहले से मछलियां छोड़ी गई थीं, जो पानी बढ़ने के बाद बहाव के साथ इधर-उधर चली गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की न जाने कितनी गलियां जलमग्न होकर तालाब का रूप ले चुकी हैं। कुछ स्थानों पर गलियों में भी मछलियां तैरती दिखाई दीं। लोगों ने पानी में उतरकर डंडों के सहारे मछलियां पकड़ने का आनंद लिया। लगातार बारिश से जहां एक ओर ग्रामीणों के सामने जलभराव और आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है, वहीं दूसरी ओर वर्षों बाद सामने आए इस अनोखे नजारे ने पुराने दिनों की यादें ताजा कर दीं।
23 साल बाद फिर तालाब बनीं गांव की गलियां, खेतों में तैरती दिखीं मछलियां


