अदालतों पर आम आदमी का विश्वास कायम रखना जरूरी : सीएम योगी
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का एलान किया। इसके साथ ही हाईकोर्ट और जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण से जुड़े जो भी प्रस्ताव हाईकोर्ट की ओर से आएंगे, उनमें राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी।
योगी ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। मजबूत बार और बेंच के समन्वय से ही न्याय का रथ आगे बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें निर्दोष को भय न हो, अपराधी बच न सके और हर नागरिक को बिना भेदभाव समय पर न्याय मिले। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से केवल व्यवसायिक भूमिका तक सीमित न रहने, बल्कि न्यायपालिका की मजबूती और आम जनता का भरोसा बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण और लोकतंत्र को मजबूत करने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रयागराज की धरती इसका प्रमाण है। उन्होंने मोतीलाल नेहरू और महामना मदन मोहन मालवीय जैसे अधिवक्ताओं का स्मरण करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी। उन्होंने हिंदी दिवस, हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं।
400 राज्य विधि अधिकारियों को मिलेंगे टैबलेट। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट देगी, जिससे शासन से जुड़े मुकदमों की जानकारी उन्हें मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि अभियोजन प्रणाली को ऑनलाइन किया गया है और जेलों व न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई है। न्यायिक अभिलेखों के डिजिटलीकरण और साक्ष्य समय से प्रस्तुत करने के लिए तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। एकीकृत न्यायालय परिसर की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 900 न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है और लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक चैंबर, पुस्तकालय और सामुदायिक कक्षों के निर्माण की दिशा में कार्य चल रहा है। अधिवक्ताओं की मृत्यु की स्थिति में सहायता राशि बढ़ाने और 70 वर्ष की आयु तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था और न्यायिक आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई चुनौतियां थीं। पुलिस प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के पास भी बेहतरीन आधारभूत सुविधाएं होना जरूरी है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और विधायक दीपक पटेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


