हुसैनपुर राजपुर व पिथनापुर के बाढ़ शरणालयों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह रहे मौजूद, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
अमृतपुर
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए अमृतपुर तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में सोमवार को उप जिलाधिकारी श्वेता साहू एवं नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह ने तहसील क्षेत्र के विभिन्न बाढ़ शरणालयों का सघन निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।एसडीएम सबसे पहले हुसैनपुर राजपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए बाढ़ शरणालय पहुंचीं। यहां उन्होंने शरणालय में उपलब्ध पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, रहने की क्षमता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं।इसके बाद एसडीएम का काफिला पिथनापुर गांव पहुंचा, जहां बनाए गए बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति, संवेदनशील गांवों तथा संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्देश दिए कि बाढ़ की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं।उप जिलाधिकारी श्वेता साहू ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा है। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय करने, राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा शरणालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए।निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक, लेखपाल एवं अन्य राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता को संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और हालात के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


