– अहमदपुर देवरिया में कोटे की दुकान पर बड़ी गड़बड़ी का खुलासा
– मीना देवी का अनुबंध निरस्त
– बेटे अंकित पर धारा 3/7 में मुकदमा
फर्रुखाबाद। कमालगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत अहमदपुर देवरिया में सरकारी राशन के वितरण में अनियमितता और खाद्यान्न के कथित डायवर्जन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद उचित दर विक्रेता मीना देवी की राशन दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया है, जबकि उनके बेटे अंकित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
प्राप्त जांच विवरण के अनुसार राशन दुकान से संबंधित स्टॉक में 40.611 कुंतल गेहूं, 65.149 कुंतल चावल, 34.400 कुंतल बाजरा और 29 किलोग्राम चीनी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
शिकायत मिलने के बाद पूर्ति विभाग के सदर क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर राशन दुकान की जांच की। जांच में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित खाद्यान्न के कालाबाजारी अथवा डायवर्जन किए जाने की आशंका के साथ दुकान के संचालन और वितरण व्यवस्था में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।
मामले में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के अनुमोदन के बाद जिला पूर्ति विभाग ने कार्रवाई आगे बढ़ाई। राशन दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त करने के साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना कमालगंज में एफआईआर दर्ज कराई गई।
पुलिस अब दर्ज मुकदमे के आधार पर मामले की जांच करेगी। खाद्यान्न के स्टॉक, वितरण अभिलेख और कथित डायवर्जन से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी उचित दर विक्रेताओं को राशनकार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में और नियमानुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राशन के वितरण में अनियमितता अथवा कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में यदि जांच में खाद्यान्न के डायवर्जन या कालाबाजारी के आरोप प्रमाणित होते हैं तो मामला केवल स्टॉक की गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन परिवारों के अधिकार से जुड़ जाता है जिन्हें निर्धारित मात्रा में राशन मिलना था।


