शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों में अफरा-तफरी मचा दी। कानपुर से गुरुग्राम जा रही एक डबल डेकर प्राइवेट बस बालू से लदे डंपर में पीछे से जा घुसी, जिसके बाद बस में भीषण आग लग गई। हादसा फिरोजाबाद जिले के नसीरपुर और मटसेना थाना क्षेत्र के बीच किलोमीटर संख्या 46 पर हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ ही पलों में आग की लपटों ने पूरी बस को घेर लिया। इस हादसे में बस चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बाद में गंभीर रूप से घायल कंडक्टर ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार बस में करीब 40 से अधिक यात्री सवार थे। रात करीब दो बजे तेज रफ्तार बस एक्सप्रेस-वे पर आगे चल रहे डंपर से टकरा गई। बताया जा रहा है कि बालू से लदा डंपर अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया था, तभी पीछे से आ रही बस उससे भिड़ गई। टक्कर के तुरंत बाद बस में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। बस में सो रहे यात्रियों की चीख-पुकार से घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और घायल हो गए। स्थानीय पुलिस, यूपीडा टीम और राहगीरों ने मिलकर यात्रियों को बस से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद, सीओ तेजस त्रिपाठी, नसीरपुर एवं मटसेना पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के लिए फिरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना समेत छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को लगाया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को संयुक्त चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद में भर्ती कराया गया है। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस भयावह दुर्घटना ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार और रात के समय भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते सड़क हादसे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया है। वहीं हादसे के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी प्रभावित रहा।


