इटावा। सैफई थाना क्षेत्र के बघुइया गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गेहूं के अवशेषों (पराली) में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे हालात और बेकाबू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर बाद खेतों में धुआं उठता देखा गया, जो कुछ ही देर में तेज लपटों में बदल गया। गर्मी और तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती चली गई। कई बीघा खेत जलकर राख हो गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने खुद ही बाल्टियों, ट्यूबवेल और ट्रैक्टरों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण स्थिति पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं पहुंची। इस लापरवाही को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
सूत्रों के अनुसार, इस आगजनी में लाखों रुपये की फसल और कृषि अवशेष जलकर नष्ट हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक किसी अधिकारी का मौके पर पहुंचना भी संदिग्ध बताया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय गेहूं कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने और सूखी हवाओं के चलते मामूली चिंगारी भी बड़े हादसे में बदल रही है। बावजूद इसके, प्रशासन की तैयारी और प्रतिक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
आग का तांडव: गेहूं के अवशेषों में लगी भीषण आग, दमकल न पहुंचने से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा


