फर्रुखाबाद। जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब हाईवे पर दिनदहाड़े महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इटावा-बरेली हाईवे स्थित डबरी रामगंगा पुल के निकट बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला के गले से सोने की चेन झपट ली। महिला के पुत्र ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने उसकी पिटाई कर दी और तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और पुलिस गश्त की पोल खोल दी है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार शहर के मसेनी चौराहा निवासी राहुल शुक्ला अपनी मां अनीता शुक्ला के साथ जलालाबाद क्षेत्र में एक पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में जा रहे थे। राजेपुर थाना क्षेत्र में रामगंगा पुल के पास राहुल बाइक रोककर सड़क किनारे उतरा। इसी दौरान काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और बाइक पर बैठी अनीता शुक्ला के गले से सोने की चेन झपटकर तोड़ ली।
महिला के शोर मचाते ही राहुल दौड़कर मौके पर पहुंचा और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन आरोप है कि दोनों बदमाश उस पर टूट पड़े और मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब राहुल ने विरोध जारी रखा तो एक बदमाश ने तमंचा निकाल लिया और उसे लोड करने लगा।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ क्षणों के लिए ऐसा माहौल बन गया मानो बदमाश गोली चला देंगे। राहुल और बदमाशों के बीच हुई छीना-झपटी के दौरान तमंचे का एक कारतूस सड़क पर गिर गया। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक स्टार्ट कर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में राजेपुर थाने की पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित राहुल शुक्ला ने सड़क पर मिला कारतूस पुलिस को सौंप दिया, जिसे जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
दिनदहाड़े हाईवे पर हुई इस घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इटावा-बरेली हाईवे पर लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की प्रभावी मौजूदगी दिखाई नहीं देती। इससे राहगीरों और यात्रियों में भय का माहौल बन गया है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल रामगंगा पुल पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब दिनदहाड़े हाईवे पर महिलाओं की चेन सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस कर सकता है?


