न्यायालय के आदेश से हुआ था बंटवारा, फिर भी खेत पर नहीं मिला कब्जा; डीएम से लगाई इंसाफ की गुहार
अमृतपुर फर्रुखाबाद
पति के निधन के बाद दो नाबालिग बच्चों का पालन-पोषण कर रही एक विधवा महिला अब अपने ही हिस्से की जमीन के लिए प्रशासन के दरवाजे खटखटाने को मजबूर है। महिला ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि न्यायालय के आदेश से भूमि का बंटवारा और राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन होने के बावजूद दबंग सहखातेदार उसे खेत पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट की गई और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवादा, मौजा कुम्हरौर निवासी एवं वर्तमान में मसेनी चौराहा पर रह रही रीतू देवी पत्नी स्वर्गीय कमलेश कुमार ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद लेखपाल, कानूनगो और अमृतपुर थाना पुलिस की मौजूदगी में सभी सहखातेदारों के बीच विधिवत बंटवारा और सीमांकन कराया गया था। उस समय किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति नहीं की थी।
महिला का आरोप है कि जब वह अपने हिस्से की भूमि की जुताई कराने पहुंचीं तो सहखातेदारों ने उन्हें खेत में घुसने से रोक दिया। उनका कहना था कि उस स्थान पर उनका कोई खेत नहीं है। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई और खेत से भगा दिया गया।
रीतू देवी का कहना है कि उनके पति का करीब दस वर्ष पहले निधन हो चुका है। अब दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। ऐसे में यदि उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन पर खेती करने का अधिकार नहीं मिलेगा तो परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमृतपुर थाने में शिकायत करने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई।महिला ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें उनके हिस्से की भूमि पर तत्काल कब्जा दिलाया जाए तथा शिकायत में नामजद लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।


