इटावा
जनपद में इन दिनों मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों को हैरान कर रहा है। शुक्रवार को भी मौसम ने अप्रत्याशित करवट लेते हुए अप्रैल की चिलचिलाती गर्मी के बजाय नवंबर जैसी ठंडक का एहसास कराया। बीते कुछ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन और रात के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान मात्र 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 10.7 डिग्री कम रहा। वहीं शाम होते-होते ठंडी हवाओं ने फिर जोर पकड़ा, जिससे वातावरण में ठंडक और बढ़ गई। रात के समय स्थिति यह रही कि न्यूनतम तापमान गिरकर 16.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को हल्की सर्दी का अहसास होने लगा। हालात ऐसे हैं कि दिन में लोग टी-शर्ट या हल्के कपड़ों में नजर आ रहे हैं, लेकिन रात होते ही चादर और कंबल का सहारा लेना पड़ रहा है।
मौसम के इस असामान्य बदलाव ने लोगों को नवंबर माह की ठंड की याद दिला दी है। आमतौर पर अप्रैल के महीने में जहां तेज धूप और गर्म हवाएं चलती हैं, वहीं इस बार ठंडी हवाओं और बादलों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। किसानों और आम जनजीवन पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडे के अनुसार, यह पूरा बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का परिणाम है। इसी के चलते क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे वातावरण में नमी और ठंडक बढ़ गई। उन्होंने बताया कि यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार से लेकर सोमवार तक आसमान साफ रहने की संभावना है और तेज धूप निकलने लगेगी। इसके बाद तापमान में तेजी से वृद्धि होगी और गर्मी फिर से अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
फिलहाल, इटावा के लोग अप्रैल में मिली इस असामान्य ठंडक का अनुभव कर रहे हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें तेज गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।


