औरैया
जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) और लाइनमैन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और कर्मचारियों में खलबली का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई फफूंद थाना क्षेत्र के केशमपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर शुक्रवार दोपहर को की गई। एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर जेई अजय कुमार पांडेय और लाइनमैन लल्लन कुशवाहा को रिश्वत लेते समय धर दबोचा। दोनों को हिरासत में लेकर सदर कोतवाली लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
मामले की शिकायत दीपक बाबू पुत्र वीरेंद्र कुमार निवासी ग्राम सेहदपुर, थाना फफूंद ने एंटी करप्शन ब्यूरो लखनऊ में की थी। उन्होंने बताया कि उनके गांव में एक मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से लाइन को शिफ्ट कराने के लिए उन्होंने विभाग से गुहार लगाई थी, लेकिन इसके एवज में जेई और लाइनमैन द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अधिकारियों ने पहले 11 हजार रुपये एडवांस के रूप में देने को कहा था। इसी योजना के तहत शुक्रवार को जैसे ही वह तय रकम लेकर पहुंचे, पहले से तैयार एंटी करप्शन टीम ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए जेई अजय कुमार पांडेय बांदा जनपद के अतर्रा चुंगी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि लाइनमैन लल्लन कुशवाहा फफूंद क्षेत्र के केशमपुर गांव का रहने वाला है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम द्वारा दोनों आरोपियों को पकड़ा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। आगे की विधिक कार्रवाई टीम द्वारा की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे शासन की छवि प्रभावित होती है। हालांकि, इस तरह की कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


