22 C
Lucknow
Thursday, April 9, 2026

बीरभूम में पीएम मोदी ने ममता सरकार पर साधा निशाना, बोले – 4 मई के बाद गुंडागर्दी का हिसाब लेंगे

Must read

बीरभूम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) गुरुवार को पश्चिम बंगाल में 3 चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने बीरभूम (Birbhum) में कहा, ‘हम ऐसा समाज देखने चाहते हैं। जहां हर कोई भय से मुक्त हो। ये मां, माटी और मानुष की बात करते हैं। मां आज रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है, डरा हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे, जहां हर कोई भय से मुक्त हो, लेकिन TMC के महाजंगलराज ने एकदम उल्टा कर दिया। TMC ने देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया था।’

उन्होंने कहा कि आपने TMC पर विश्वास किया था, लेकिन TMC ने बंगाल में बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं हैं। 4 मई के बाद हर गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा। बंगाल में अब TMC का भय नहीं, भाजपा का भरोसा चलेगा। बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे।

इससे पहले पीएम ने हल्दिया में भी चुनावी रैली को सम्बोधित किया था। यहां उन्होंने कहा- टीएमसी ने बंगाल के युवाओं को डबल धोखा दिया है। एक तरफ यहां प्राइवेट सेक्टर का नामोनिशान मिटा दिया है। दूसरी तरफ इनकी सरकार में भ्रष्टाचारियों ने युवाओं के परिवारों के सपनों को भी कुचल दिया है। पीएम ने कहा कि टीएमसी वोट बैंक को खुश करने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुटी है।

तुष्टिकरण की नीति ऐसी है कि ये कोर्ट तक को नहीं मानते। इधर, आरजी कर अस्पताल रेप केस पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने कहा है कि जब तक उनकी बेटी को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, वे अपने बालों में कंघी नहीं करेंगी। रत्ना भाजपा के टिकट पर पानीहाटी सीट से चुनाव लड़ रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र है। यह राज्य में BJP के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक है। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में पूर्वी मेदिनीपुर जिले की 16 में से 8 विधानसभा सीटें जीती थीं। 2024 के आम चुनावों में भी इस जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।

हल्दिया के बाद पीएम आसनसोल और बीरभूम भी जाएंगे। यहां पर सभा को संबोधित करेंगे। बीरभूम जिले को TMC का गढ़ माना जाता है। बीरभूम में सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव रहा है हालांकि, जिले के कुछ हिस्सों में लंबे समय से आरएसएस का संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद है। भाजपा यहां एंटी इनकम्बेंसी का फायदा उठाना चाहती है।

 

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article