कानपुर
सेंट्रल स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे बिहार के युवक को गिरफ्तार किया। पकड़े गए युवक के बैग से 13 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी ने बताया कि नौकरी न मिलने के कारण वह मादक पदार्थों की तस्करी करने लगा।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि बीती रात टीम गश्त पर थी, जब हैरिसगंज पुल के पास रेलवे डीजल डिपो के पास एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में ट्रॉली बैग के साथ बैठा दिखाई दिया। संदेह होने पर पूछताछ की गई और उसके बैग की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान बैग में टेप से सील किए गए कई छोटे पैकेट मिले। खोलकर देखा तो इनमें गांजा था। पकड़ा गया युवक रविंद्र कुमार है। जीआरपी थाने में उसके खिलाफ एनडीपीएस की धारा 8/20 में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
रविंद्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह गांजा लेकर बिहार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था, जहां उसे ऊंचे दामों में बेचने की योजना थी। उसने कहा कि वह स्नातक तक पढ़ाई कर चुका है और कई बार नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया, लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली। परिवार और खर्च चलाने के लिए उसने पहले छोटे स्तर पर मादक पदार्थ बेचना शुरू किया और बाद में बड़े पैमाने पर तस्करी करने लगा।
जांच में पता चला कि रविंद्र गांजा आंध्र प्रदेश से सस्ते दाम पर लेकर बिहार लाता था और इसे कानपुर और लखनऊ में भी सप्लाई करता था। इस बार वह बिहार के ग्राहकों तक इसे पहुंचाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि यह गिरफ़्तारी मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार कार्रवाई का हिस्सा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस तरह के अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में मादक पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके।


