इस्लामाबाद। पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रावलपिंडी के आदियाला रोड पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की बहनों समेत करीब 1,400 लोगों पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उस प्रदर्शन के बाद की गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर कानून-व्यवस्था भंग करने, पथराव करने और सुरक्षा बलों पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। इस दौरान कम से कम नौ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी बात सामने आई है।
एफआईआर में कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और हिंसा फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। इससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि यह एफआईआर आदियाला चेकपोस्ट पर तैनात एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश की।
दरअसल, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अपने नेता इमरान खान से मुलाकात पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी का दावा है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था।
हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी थी, जिसके तहत सार्वजनिक जमावड़े पर 15 दिनों तक प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें इमरान खान की बहनें नूरीन नियाजी और उज्मा खानम भी शामिल हैं। हालांकि, बाद में कई लोगों के मौके से फरार होने की भी खबर है।
पुलिस का यह भी आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियों और पत्थरों का इस्तेमाल कर सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इससे हालात और बिगड़ गए।
दूसरी ओर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और उसके समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सरकार राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए आतंकवाद जैसे गंभीर कानूनों का दुरुपयोग कर रही है।
इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी सामने आई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन बताया है।
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और गहराती जा रही है। इस तरह की कार्रवाइयों से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।


