फर्रुखाबाद। एक ओर सरकार बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। शमशाबाद क्षेत्र में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सुविधा के बजाय बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। ताजा मामला नगर के मोहल्ला चौखंडा का है, जहां बिल जमा होने के बावजूद एक महिला उपभोक्ता पिछले पांच दिनों से अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर है।
जानकारी के अनुसार, विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर क्षेत्र में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली आपूर्ति में अनियमितता बढ़ी है और कई बार रिचार्ज या बिल भुगतान के बावजूद बिजली नहीं मिलती।
इसी क्रम में मोहल्ला चौखंडा निवासी बीरावती पत्नी बेचेलाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को 2155 रुपये का बकाया बिल जमा किया था। इसके बावजूद उनके घर की बिजली बहाल नहीं की गई। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर में लाइट दिख रही है, लेकिन घर में सप्लाई नहीं आ रही।
पीड़ित महिला ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से उनका घर अंधेरे में डूबा हुआ है। भीषण गर्मी के इस दौर में कूलर और पंखे सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं, वहीं मोबाइल फोन भी चार्ज न होने के कारण बंद पड़े हैं। इससे उनके दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
महिला उपभोक्ता के अनुसार, उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों से की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। विभाग की उदासीनता से परेशान होकर उन्होंने विद्युत उपकेंद्र शमशाबाद के अवर अभियंता को लिखित शिकायत पत्र देकर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रजला मई में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया था। उस समय पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मीटर लगाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते कर्मचारियों को मीटर हटाने पड़े और काटी गई केबल को दोबारा जोड़ना पड़ा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों और विभागीय लापरवाही का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में विरोध और तेज हो सकता है।
स्मार्ट मीटर का ‘सिस्टम फेल’! बिल जमा फिर भी 5 दिन से अंधेरे में महिला उपभोक्ता, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप


