बरेली। जिले के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के आजादनगर सुर्खा में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर एक परिवार को झांसे में लेकर 6 लाख रुपये ठगने की कोशिश की गई। हालांकि परिवार की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से समय रहते पूरा पैसा बचा लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को सुरक्षा एजेंसी से जुड़ा बताते हुए परिवार को फोन किया और “आतंकी कनेक्शन” का डर दिखाकर उन्हें मानसिक दबाव में ले लिया। आरोपियों ने परिवार को यह यकीन दिलाने की कोशिश की कि वे एक बड़े मामले में फंसे हैं और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने होंगे, वरना कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान परिवार के 8वीं पास बेटे तन्मय ने हिम्मत दिखाई और अपने माता-पिता को भरोसा दिलाया कि यह साइबर ठगी हो सकती है। बेटे की समझदारी से परिवार ने घबराने के बजाय पड़ोसी की मदद ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और वरिष्ठ अधिकारी एसपी सिटी खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को ठगों के चंगुल से बाहर निकाला और पैसे ट्रांसफर होने से पहले ही स्थिति को संभाल लिया। इस कार्रवाई से परिवार के करीब 6 लाख रुपये सुरक्षित बच गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने साइबर पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए उन्हें नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के “डिजिटल अरेस्ट” या डराने-धमकाने वाले कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जागरूकता और समय पर सही कदम उठाने से बड़े साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसे परिवार को पुलिस ने बचाया, 6 लाख रुपये सुरक्षित


