नई दिल्ली।
एस. जयशंकर ने भारत में सेंट किट्स एंड नेविस के उच्चायोग के उद्घाटन का स्वागत करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने वाला कदम बताया। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण रिश्तों को और गहरा करने की बात कही।
विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और सेंट किट्स एंड नेविस के बीच 1983 में कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से लगातार सहयोग और विश्वास का रिश्ता बना हुआ है। उन्होंने इस नए उच्चायोग को दोनों देशों के बीच स्थायी संवाद और सहयोग का मजबूत माध्यम बताया।
जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत डिजिटल तकनीक के माध्यम से सुशासन और आर्थिक विकास को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत अपने इन अनुभवों को सेंट किट्स एंड नेविस और कैरिकॉम (CARICOM) के अन्य सदस्य देशों के साथ साझा करेगा, जिससे आपसी विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों और उपनिवेशवाद के खिलाफ साझा संघर्ष की विरासत पर आधारित हैं। यही साझा इतिहास दोनों देशों को गहराई से जोड़ता है और वैश्विक दक्षिण के रूप में उनकी साझेदारी को और मजबूत करता है।
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच संस्थागत ढांचे को और विस्तार देने की आवश्यकता है। नियमित संवाद, सहयोग और नई पहल के माध्यम से संबंधों को और सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है।
समारोह में यह भी विश्वास जताया गया कि उच्चायोग की स्थापना से दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी, जिससे भारत और सेंट किट्स एंड नेविस के रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे।


