लखनऊ
बीकेटी थाना क्षेत्र के बिकामऊ गांव में मंगलवार को अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की टीम जब अवैध प्लाटिंग हटाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए टीम का घेराव कर लिया और जमकर नारेबाजी की।
एलडीए की परिवर्तन जोन-4 टीम तय योजना के तहत मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी मशीनों से दो अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई शुरू होते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और विरोध जताने लगे। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने रिंग रोड स्थित चौराहे पर पहुंचकर प्राधिकरण की टीम को घेर लिया। लोगों का आरोप था कि बिना पर्याप्त सूचना और सुनवाई के यह कार्रवाई की जा रही है। विरोध के चलते कुछ समय के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि स्थिति को संभालने के लिए प्रशासनिक टीम मौके पर डटी रही।
एलडीए के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन्होंने बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध तरीके से प्लाटिंग और निर्माण किया था। इन लोगों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया।
अधिकारियों के मुताबिक सुरेंद्र सिंह, अशोक शर्मा, केपी सिंह, आशीष सिंह, राम प्रकाश सिंह और कमला सहित कई लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। एलडीए का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहरी विकास योजनाओं को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर रोक जरूरी है। वहीं, स्थानीय लोगों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।


