महराजगंज
समसपुर हलोर स्थित मिश्र परिवार के पैतृक निवास पर दिव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक गरिमा के साथ किया जा रहा है। इस पावन कथा में श्रीधाम वृन्दावन से पधारे कथा व्यास श्री राम चन्द्रदास जी महाराज श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और जीवन-मूल्यों का अमूल्य संदेश दे रहे हैं। आयोजन स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ कलश यात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ हुआ। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कथा प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात 10:30 बजे तक आयोजित की जा रही है, जहां भजन-कीर्तन और प्रवचन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
कथा के दौरान हवन, पूर्णाहुति और महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के अनुसार 10 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:00 बजे से ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। लगातार बढ़ती भीड़ इस आयोजन की लोकप्रियता और लोगों की आस्था को दर्शा रही है।
इस धार्मिक आयोजन में गुरुकुल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स परिवार की विशेष सहभागिता देखने को मिली। संस्थान ने शिक्षा और संस्कार के समन्वय का संदेश देते हुए बताया कि केवल पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ना भी आवश्यक है।
संस्थान के प्रबंधक एवं सचिव आर. डी. मिश्रा ने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन और नैतिकता का विकास भी जरूरी है। वहीं अध्यक्ष डॉ. शशांक शेखर शुक्ला ने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव ज्ञान और धर्म के संतुलन पर आधारित रही है।
इस आयोजन में उपाध्यक्षा पूजा मिश्रा, कोषाध्यक्ष कुसुम मिश्रा, एच.ओ.डी. अमित पाण्डेय, एकाउंटेंट सुरेंद्र कुमार, प्रीति मिश्रा और पल्लवी मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


