– ट्रंप बोले– “अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू मिशन”
वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान के भीतर एक बेहद गोपनीय और हाई-रिस्क ऑपरेशन को अंजाम दिए जाने की खबर सामने आई है, जिसे “मिशन इम्पॉसिबल” जैसी कार्रवाई बताया जा रहा है। इस ऑपरेशन को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए इसे “अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू मिशनों में से एक” करार दिया है।
जानकारी के मुताबिक, यह ऑपरेशन अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित अमेरिकी कमांडो शामिल थे। मिशन का उद्देश्य कथित तौर पर फंसे हुए अमेरिकी नागरिकों या सहयोगियों को सुरक्षित बाहर निकालना था। ऑपरेशन के दौरान अत्याधुनिक तकनीक, ड्रोन निगरानी और हेलीकॉप्टर सपोर्ट का इस्तेमाल किया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस मिशन को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दिया गया, जहां दुश्मन क्षेत्र के भीतर घुसकर बिना किसी बड़े टकराव के लक्ष्य को हासिल करना था। रात के अंधेरे में चलाए गए इस ऑपरेशन में सटीक प्लानिंग और त्वरित एक्शन के जरिए टीम ने सफलता हासिल की।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इस मिशन में शामिल जवानों ने असाधारण साहस और कुशलता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि “ऐसे ऑपरेशन हमारी सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता को दर्शाते हैं।”
हालांकि, इस ऑपरेशन को लेकर आधिकारिक तौर पर बहुत अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञ इसे हाल के समय के सबसे जटिल और जोखिम भरे मिशनों में से एक मान रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई विशेषज्ञ इसे अमेरिका की खुफिया और सैन्य क्षमता का बड़ा प्रदर्शन मान रहे हैं, वहीं कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के ऑपरेशन क्षेत्रीय तनाव को भी बढ़ा सकते हैं।
फिलहाल इस पूरे मिशन को लेकर कई जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं, लेकिन इतना तय है कि यह ऑपरेशन वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।
ईरान के भीतर ‘मिशन इम्पॉसिबल’ जैसा ऑपरेशन


