नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के लक्ष्मी नगर इलाके में हुई 10 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस के हाथ जो सच लगा, वह बेहद हैरान करने वाला है। लूट की यह खौफनाक साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता के सगे बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी बेटे समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार (arrested) कर लिया है और लूटी गई रकम के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली है।
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे लूट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक बेटे ने ही दोस्तों के साथ अपने बाप को लूटा था। दिल्ली पुलिस ने केवल 24 घंटों के अंदर इस लूट की घटना का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लूटे हुए पैसे, स्कूटी, के साथ सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में चौंकाने वाली खबर आई है। एक लड़के ने अपने दोस्तों के साथ अपने पिता को ही लूटने की प्लान कर डाला। उसने अपने दोस्तों के साथ पूरी प्लानिंग कर अपने पिता से 10 लाख रुपये और स्कूटी लूट ली।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मी नगर 10 लूट कांड में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता का बेटा भी शामिल है। पुलिस को लूटी गई रकम के साथ क्राइम में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी मिल गई है। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों का पता लगाया गया। उनको गिरफ्तार करने के लिए अंतरराज्यीय पुलिस बल को लगाना पड़ा। इसी की मदद से उनको लखनऊ टोल प्लाजा से गिरफ़्तारी की गई।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 31 मार्च को लूट की एक घटना के संबंध में एक PCR कॉल मिली थी। इसमें बताया गया कि दो अज्ञात नाकाबपोश व्यक्तियों ने दो राउंड गोलियां चलाईं और 10 लाख लूट लिए। तुरंत कार्रवाई करते हुए लक्ष्मी नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई। आरोपियों ने निजी मौज-मस्ती और एक अय्यासी के लिए गलत तरीके से पैसे हासिल करने की साजिश रची थी। सह-आरोपी पहले से ही मुख्य आरोपी के घर पर उसके साथ रह रहे थे। तीनों ने मिलकर आसानी से पैसे कमाने के लिए इस अपराध की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस को पता चला कि वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता का ही बेटा तवलीन उर्फ रेहत है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मुखर्जी नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया, जब वह भागने की फिराक में था। मुख्य आरोपी तवलीन से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के बाद उसके दो साथी, मोहित कुमार तिवारी और पंकज, आनंद विहार से एक प्राइवेट बस पकड़कर बिहार की तरफ भाग रहे हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने बस का पीछा किया और लखनऊ टोल प्लाजा के पास बस को रोककर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।


