30 C
Lucknow
Friday, April 3, 2026

एसपी की शादी में शामिल होने पर सपा में सियासी घमासान- अखिलेश यादव ने जताई कड़ी नाराजगी

Must read

लखनऊ। प्रदेश की सियासत में एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। संभल के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई और बरेली की आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा के विवाह समारोह में समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस घटनाक्रम को लेकर सपा नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है और पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

इस मामले पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी के जनप्रतिनिधियों को ऐसे आयोजनों से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी। उन्होंने संकेत दिए कि यह केवल व्यक्तिगत उपस्थिति का मामला नहीं, बल्कि इससे पार्टी की छवि और राजनीतिक संदेश भी प्रभावित होता है।

जानकारी के अनुसार, जोधपुर में आयोजित इस भव्य विवाह समारोह में संभल से विधायक इकबाल महमूद, असमोली से पिंकी यादव और गुन्नौर से रामखिलाड़ी सिंह यादव शामिल हुए थे। कार्यक्रम में इन जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ऐसे समय पर सामने आई है, जब संभल क्षेत्र में हालिया घटनाओं को लेकर सपा और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ है।

सूत्रों का कहना है कि संभल में हाल के विवादों और प्रशासनिक टकराव के चलते पार्टी नेतृत्व पहले से ही सतर्क था। ऐसे संवेदनशील माहौल में प्रशासनिक अधिकारियों के निजी समारोह में भागीदारी को संगठनात्मक दृष्टि से अनुचित माना जा रहा है। पार्टी के भीतर इसे अनुशासनहीनता के रूप में भी देखा जा रहा है।

इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने नेताओं और विधायकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पार्टी ने कहा है कि जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अनावश्यक नजदीकियों से बचें और राजनीतिक मर्यादा का पालन करें। नेतृत्व का मानना है कि ऐसे कदमों से कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा सकता है।

वहीं, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सपा को घेरने का मौका नहीं छोड़ा है। भाजपा नेताओं ने सपा के भीतर अनुशासनहीनता और आंतरिक मतभेदों का आरोप लगाते हुए इसे संगठन की कमजोरी करार दिया है। भाजपा का कहना है कि यह घटना सपा के अंदरूनी हालात को उजागर करती है।

यह मामला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे सपा की आंतरिक रणनीति और अनुशासन पर भी असर पड़ सकता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article