फर्रुखाबाद
शहर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही ई-रिक्शा में बच्चे को जन्म दे दिया। यह घटना रोडवेज बस स्टैंड के पास की है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शहर के काशीराम कॉलोनी निवासी हिम्मत सिंह की पत्नी आशिया को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उस समय उनके पति मैनपुरी गए हुए थे, जिससे घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसी स्थिति में पड़ोस में रहने वाली सुनीता और एक अन्य महिला ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल आशिया को ई-रिक्शा के माध्यम से लोहिया महिला अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
बताया गया कि जब ई-रिक्शा रोडवेज बस स्टैंड के पास पहुंचा, तभी आशिया की प्रसव पीड़ा अचानक बेहद तेज हो गई। रास्ते में ही स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि महिला ने ई-रिक्शा में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद लोग भी चौंक गए।
प्रसव के बाद साथ आई महिलाएं प्रसूता और नवजात को लेकर तुरंत लोहिया महिला अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल पहुंचने पर सुनीता ने अंदर जाकर ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को जानकारी दी। सुरक्षा गार्ड द्वारा भी सूचना देने के बावजूद करीब 10 मिनट तक प्रसूता ई-रिक्शा में ही पड़ी रही और मदद का इंतजार करती रही। बाद में स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचे और मां-बच्चे को अंदर ले जाकर भर्ती किया।
साथ आई महिलाओं ने बताया कि अभी प्रसव का निर्धारित समय नहीं था और वे केवल नियमित जांच के लिए अस्पताल जा रही थीं। उनका कहना है कि रास्ते में ई-रिक्शा के झटकों के कारण ही अचानक प्रसव शुरू हो गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


