लखनऊ। राजधानी में जमीन घोटाले का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से मैरेज लॉन बनाए जाने का खुलासा हुआ है। मामला वक्फ संख्या-360 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां ‘राज गार्डन’ नाम से निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी जमीन वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, जिस पर किसी भी प्रकार का निजी या व्यावसायिक निर्माण नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद यहां मैरेज लॉन का निर्माण कर लंबे समय से संचालन किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2006 में ही इस अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि करीब 20 साल बीत जाने के बाद भी इस आदेश पर अमल नहीं हो सका। इस लापरवाही को लेकर अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले की शिकायत हाल ही में प्रथमेश कुमार से की गई, जिसके बाद उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अगर यह जमीन वास्तव में कब्रिस्तान की है, तो इस पर निर्माण न केवल अवैध है बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा संवेदनशील मामला है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध निर्माण को तत्काल हटाने की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब 2006 में ही ध्वस्तीकरण का आदेश दिया जा चुका था, तो आखिर 20 वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या इसमें किसी स्तर पर मिलीभगत रही या प्रशासनिक लापरवाही? इस पूरे मामले की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी, लेकिन फिलहाल यह प्रकरण राजधानी में चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
कब्रिस्तान की जमीन पर बना मैरेज लॉन, बड़ा खुलासा—20 साल से कार्रवाई क्यों नहीं?


