– नॉन-DCR पर सब्सिडी खत्म होने के संकेत।
– उपकरण महंगे—विशेषज्ञों की सलाह: “अभी सोलर ही सबसे समझदारी भरा निवेश”
अनुराग तिवारी
औरैया: दुनिया भर में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब तक पहुंच चुका है। पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों और निर्माण सामग्री के बाद अब सोलर सेक्टर भी इस वैश्विक अस्थिरता की चपेट में आ गया है। सोलर पैनल, इन्वर्टर, बैटरी, वायर और अन्य उपकरणों की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे आने वाले समय में सोलर सिस्टम लगवाना महंगा सौदा साबित हो सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कमी, आयात पर निर्भरता और सप्लाई चेन में बाधाएं इस तेजी का मुख्य कारण हैं। हालात ऐसे हैं कि जो सोलर सिस्टम कुछ महीने पहले सस्ती दरों पर उपलब्ध था, वही अब बढ़ती लागत के कारण आम उपभोक्ता की पहुंच से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है।
इस बीच एक और बड़ा मुद्दा सामने आ रहा है—नॉन-DCR (विदेशी सामग्री आधारित सोलर पैनल) पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को समाप्त किए जाने की संभावना। यदि यह निर्णय लागू होता है, तो उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने में पहले से कहीं ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इससे सोलर अपनाने की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है।
बाजार की सच्चाई: हर स्तर पर बढ़ रही लागत, सोलर बाजार में फिलहाल हर स्तर पर महंगाई देखने को मिल रही है। सोलर पैनल के दाम में लगातार वृद्धि, इन्वर्टर और बैटरी की लागत बढ़ी, वायर और स्ट्रक्चर महंगे, इंस्टॉलेशन खर्च में भी इजाफा व्यापारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में यह बढ़ोतरी और तेज हो सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय हालात फिलहाल स्थिर होते नहीं दिख रहे।
औरैया में टाटा सोलर का एकमात्र समाधान—शिव शक्ति इंटरप्राइजेज
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में औरैया जनपद में शिव शक्ति इंटरप्राइजेज लोगों के लिए एक भरोसेमंद नाम बनकर उभरा है। यह संस्था TATA Solar का अधिकृत सर्विस पार्टनर है और घरेलू (Residential) व व्यावसायिक (Commercial) दोनों तरह के सोलर प्लांट लगाने में विशेषज्ञता रखती है। यहां ग्राहकों को उचित रेट पर उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीय सेवा उपलब्ध कराई जाती है। संस्था की पहचान न केवल बेहतर उत्पादों से बल्कि समय पर, इंस्टॉलेशन और मजबूत आफ्टर-सर्विस के लिए भी जानी जाती है। उचित रेट और विश्वसनीय कार्य के लिए एक मात्र भरोसेमंद स्थान—शिव शक्ति इंटरप्राइजेज है।
शिव शक्ति इंटरप्राइजेज के डायरेक्टर गौरव मिश्रा ने यूथ इण्डिया से बातचीत में कहा— “आने वाले समय में बिजली बिल में किसी भी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में सोलर ही एक ऐसा विकल्प है, जिससे लोग अपने खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं और भविष्य के लिए सुरक्षित रह सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया—“सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और बैंक से मिलने वाले लोन की प्रक्रिया अभी काफी धीमी और जटिल है। अगर इसमें सुधार हो जाए, तो निश्चित रूप से ज्यादा लोग सोलर अपनाने के लिए आगे आएंगे।”
क्यों जरूरी है अभी सोलर लगवाना?
आज के हालात में सोलर केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक दूरदर्शी निवेश बन चुका है। बढ़ते बिजली बिल से स्थायी राहत, मौजूदा सब्सिडी का फायदा, भविष्य की महंगाई से बचाव, 20-25 वर्षों तक लगातार लाभ, पर्यावरण संरक्षण में योगदान लाभ हैं।
युद्ध, महंगाई और नीतिगत बदलावों के इस दौर में सोलर ऊर्जा अब एक समझदारी भरा निर्णय बन चुका है। जो लोग आज कदम उठाएंगे, वही कल बढ़ती लागत और महंगे बिजली बिल से खुद को बचा पाएंगे। देरी का मतलब साफ है—ज्यादा खर्च और कम लाभ।


