बधिर महिला टी-10 राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन, डी कंथम्मा रहीं मैच और सीरीज की स्टार
गुरुग्राम| खेले गए बधिरों की सातवीं आईडीसीए महिला टी-10 राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप के फाइनल में आंध्र प्रदेश की महिला टीम ने दिल्ली की टीम को रोमांचक मुकाबले में 5 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मुकाबला आखिरी गेंद तक दिलचस्प बना रहा, लेकिन अंत में आंध्र प्रदेश ने बाजी मार ली।
फाइनल मुकाबले में आंध्र प्रदेश ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 10 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 73 रन बनाए। टीम की बल्लेबाज़ों ने संयमित शुरुआत के बाद अंत में तेज़ी से रन बटोरे और एक प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम ने भी कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वह निर्धारित 10 ओवर में 4 विकेट पर 68 रन ही बना सकी। आंध्र प्रदेश की गेंदबाज़ों ने अंतिम ओवरों में शानदार नियंत्रण बनाए रखा और दिल्ली को जीत से दूर रखा।
इस मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार रहीं डी कंथम्मा, जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज दोनों पुरस्कार अपने नाम किए। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान देकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टूर्नामेंट का आयोजन भारतीय बधिर क्रिकेट संघ (आईडीसीए) द्वारा किया गया, जिसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का समर्थन प्राप्त है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है।
आईडीसीए के अध्यक्ष सुमित जैन ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट से लगातार नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में ये खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि प्रतिभा किसी भी बाधा की मोहताज नहीं होती। दर्शकों ने भी खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया।
आंध्र प्रदेश की टीम की इस जीत ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि महिला बधिर क्रिकेट को भी नई पहचान दिलाई है। टीम के खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रयास से यह खिताब जीता।
दिल्ली की टीम भले ही खिताब से चूक गई, लेकिन उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक का सफर तय किया। यह टीम आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।
इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि खेल के माध्यम से हर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को साबित कर सकता है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।
भविष्य में इस तरह के और बड़े टूर्नामेंट आयोजित किए जाने की उम्मीद है, जिससे खिलाड़ियों को और अधिक अवसर मिल सकें और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।


