औरैया। जनपद के अछल्दा क्षेत्र में शनिवार शाम एक मानवीय और चुनौतीपूर्ण घटना सामने आई, जहां रेलवे फाटक पर लगे भीषण जाम के बीच एम्बुलेंस ही प्रसव कक्ष बन गई और एक गर्भवती महिला ने वाहन के भीतर ही सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने जहां एक ओर रेलवे व्यवस्था की तकनीकी खामियों को उजागर किया, वहीं स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ की भी सराहना हो रही है।
घटना दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित 13-बी रेलवे क्रॉसिंग की है, जहां शनिवार शाम करीब 7:55 बजे फाटक में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण अचानक जाम की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि गेटमैन द्वारा फाटक खोला जा रहा था, तभी एक तरफ का गेट तकनीकी खराबी के चलते नहीं खुल सका। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
गेटमैन ने तत्काल इस समस्या की सूचना स्टेशन मास्टर को दी, जिसके बाद रेल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और फाटक को ठीक करने में जुट गए। करीब 27 मिनट की मशक्कत के बाद फाटक को सही किया जा सका और आवागमन बहाल हुआ। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे बाद में आरपीएफ की टीम ने संभालकर यातायात को सुचारु कराया।
इसी जाम में विकासखंड क्षेत्र के उदई पुरवा गांव निवासी आरती देवी, पत्नी पुष्पेंद्र, को प्रसव पीड़ा होने पर एम्बुलेंस से अछल्दा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया जा रहा था। लेकिन जाम के कारण एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी और स्थिति गंभीर हो गई। ऐसे में एम्बुलेंस में मौजूद आशा कार्यकर्ता निर्मला और ईएमटी विकास श्रीवास्तव ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया।
स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता और अनुभव के चलते एम्बुलेंस के अंदर ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। जाम खुलने के बाद जच्चा-बच्चा को तत्काल अछल्दा सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में दोनों को भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और हिम्मत के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। वहीं, रेलवे फाटक पर तकनीकी खराबी के कारण लगे जाम ने एक बार फिर व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। लोगों ने मांग की है कि रेलवे क्रॉसिंग पर समय-समय पर तकनीकी जांच और सुधार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों और लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।


