संभल
जनपद में ग्राम समाज की बहुमूल्य भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लेखपाल राहुल धारीवाल की आख्या के अनुसार, आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन पर लगभग दो बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। इस विवादित भूमि की अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपये बताई जा रही है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
प्रशासनिक रिपोर्ट में आरोप है कि उक्त भूमि पर पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कर लिया गया है। इस संबंध में 24 जून 2025 को लेखपाल द्वारा आख्या प्रस्तुत की गई थी, जिसके आधार पर ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से वाद दर्ज कर नोटिस जारी किए गए। मामला न्यायिक प्रक्रिया में पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और तेज हो गया।
बताया जा रहा है कि प्रतिवादी पक्ष ने इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी रुख किया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय ने अपने आदेश में अपील के लिए समय प्रदान किया था, जिससे मामला अभी भी विचाराधीन बना हुआ है।
प्रशासन की ओर से 30 जून को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसके जवाब में 18 जुलाई को आफताब हुसैन और उनके भाई की ओर से प्रतिवाद दाखिल किया गया। इस मामले में 7 मार्च 2026 को बहस भी पूरी हो चुकी है और अब सभी की नजर आगामी फैसले पर टिकी हुई है।
वहीं प्रतिवादी पक्ष का कहना है कि यह निर्माण नया नहीं, बल्कि करीब 20 साल पुराना है और उन्हें पूर्व में 1972 में बेदखली का नोटिस मिला था, जिसे बाद में प्रशासन ने वापस ले लिया था। उनका यह भी दावा है कि संबंधित भूमि वक्फ संख्या 3037 के अंतर्गत यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


