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Saturday, March 28, 2026

खेत में दबे खजाने का झांसा देकर 7 लाख की ठगी: नकली सोना बेचने वाला गिरोह पकड़ा, पांच आरोपी गिरफ्तार

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औरैया। जनपद में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को पुराने राजा-महाराजाओं के खजाने का जानकार बताकर ठगों ने एक दंपती को अपने जाल में फंसा लिया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का काम करते थे।
मामला दिबियापुर थाना क्षेत्र का है, जहां कानपुर देहात निवासी जितेंद्र कुमार ने 12 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि पांच जनवरी को उनसे और उनकी पत्नी से करीब 7 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने उन्हें यह झांसा दिया था कि उनके पास जमीन में दबा हुआ पुराना खजाना है, जिसमें सोने के आभूषण और मालाएं शामिल हैं। विश्वास दिलाने के लिए ठगों ने उन्हें सोने की माला दिखाई, जो देखने में असली लग रही थी।
जांच के दौरान सामने आया कि ठग बेहद चालाकी से अपने शिकार को भरोसे में लेते थे। वे नकली माला के साथ एक छोटा असली सोने का टुकड़ा भी रखते थे और पीड़ित को उसे किसी सुनार से जांच कराने के लिए कहते थे। जब सुनार उस छोटे टुकड़े को असली बता देता, तो पीड़ित पूरी माला को असली मानकर बड़ी रकम देकर खरीद लेता था। इसी तरीके से दंपती को भी धोखा दिया गया।
करीब 83 दिन की जांच और सर्विलांस के बाद थाना दिबियापुर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को अजमतपुर रोड स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पास खेत से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में हरियाणा के पलवल निवासी भीम भाट और उसकी पत्नी पूनम, कानपुर देहात के शंकरपुर निवासी गुलशन शर्मा और उसकी पत्नी देवली, तथा बुलंदशहर की राजवती शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक गिरोह के रूप में काम करते हैं और गांवों, कस्बों, मेलों तथा मंडियों में भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। लोगों को पुराना खजाना मिलने का लालच देकर वे नकली गहने भारी कीमत पर बेच देते थे और फरार हो जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली सोने की मालाएं (करीब चार किलोग्राम), पीली धातु के तार, औजार, तीन मोबाइल फोन और 24,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्र ने बताया कि इस गिरोह का पर्दाफाश होने से ऐसे कई अन्य मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है, ताकि भविष्य में इस तरह की ठगी की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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