लखीमपुर खीरी। मझगईं वन रेंज के बेलाकलां गांव में तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों द्वारा उसे कैद किए जाने का मामला अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। जंगल से भटककर गांव में पहुंचे तेंदुए ने कई लोगों पर हमला कर दिया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। हमले से आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर तेंदुए को घेर लिया और किसी तरह उसे पकड़कर कैद कर लिया।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने कब्जे में लिया, लेकिन इस बीच ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा ने माहौल को और गरमा दिया। इसी बीच पलिया विधायक रोमी साहनी ग्रामीणों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए।
विधायक रोमी साहनी ने साफ तौर पर कहा कि जिन ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तेंदुए को काबू किया, उनके खिलाफ किसी भी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने इसे ग्रामीणों की बहादुरी बताते हुए कहा कि वन विभाग को भी इस घटना से सबक लेना चाहिए और समय रहते ऐसे खतरनाक जानवरों की निगरानी बढ़ानी चाहिए।
साथ ही विधायक ने तेंदुए के हमले में घायल हुए ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने प्रशासन से घायलों के समुचित इलाज और मुआवजे की भी मांग की है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही रहती है, लेकिन वन विभाग समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाता। फिलहाल वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी की जा रही है।
यह मामला अब केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा, प्रशासन की जिम्मेदारी और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे कई पहलुओं को उजागर कर रहा है।
तेंदुए को कैद करने पर सियासत, ग्रामीणों के समर्थन में उतरे विधायक


