लखनऊ। प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री के निर्देश पर जलापूर्ति कार्यों में सुस्ती और अनियमितता पाए जाने पर 12 इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव के निर्देशन में कुल 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है। इनमें से 12 इंजीनियरों को निलंबित किया गया, 2 के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि 7 इंजीनियरों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य में लगातार हो रही देरी और लापरवाही के कारण की गई है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्रवाई के दायरे में लखीमपुर, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों के अधिशासी अभियंता भी शामिल हैं, जिन्हें कार्य में गंभीर लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।
सरकार की इस सख्ती के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों को भी समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और तेज होंगे तथा लापरवाही मिलने पर और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जल जीवन मिशन में लापरवाह 12 निलंबित इंजिनियर


