मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बुधवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने भारतीय सेना की एक चौकी को निशाना बनाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना के बाद सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), राज्य पुलिस और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) ने संयुक्त रूप से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया, जो गुरुवार को भी जारी रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात लगभग 11 बजकर 40 मिनट पर फौलजांग/गोतोल इलाके की दिशा से संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने फौगाकचाओ आवांग लेइकाई स्थित सेना की पोस्ट पर गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग के बाद सेना के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान वहां तैनात सीआरपीएफ की 58वीं बटालियन ने भी मोर्चा संभालते हुए उग्रवादियों की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच करीब 30 मिनट तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही।
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही सेना, सीआरपीएफ, राज्य पुलिस और आईआरबी के जवान मौके पर पहुंचे और इलाके को घेरकर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों ने घटना स्थल के साथ-साथ आसपास के पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया, ताकि उग्रवादियों की किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अफवाह फैलाने से बचें, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। सुरक्षाबल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुस्तैद हैं।
गौरतलब है कि मणिपुर लंबे समय से जातीय तनाव और हिंसा से प्रभावित रहा है। विशेषकर मैतेई और कुकी समुदायों के बीच तनाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में समय-समय पर हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए क्षेत्र में स्थायी शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शांति बहाली के प्रयासों में लगातार जुटी हुई हैं।
मणिपुर में फिर भड़का तनाव: कुकी उग्रवादियों की सेना पोस्ट पर फायरिंग, आधे घंटे चली भीषण मुठभेड़


