गाजियाबाद। जिला प्रशासन के एक आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा स्कूलों को भेजे गए एक पत्र में 28 मार्च को होने वाले जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के मद्देनज़र स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने को कहा गया है।
प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए स्कूलों की लगभग 800 बसों को समारोह में लगाए जाने की योजना बनाई गई है। इसी कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूलों को ऑफलाइन कक्षाओं के स्थान पर ऑनलाइन क्लास चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस की प्रवक्ता डॉली शर्मा ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि 800 बसों की व्यवस्था कोई सरकारी मजबूरी नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक प्राथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले शिक्षा व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव डालते हैं और यह प्रशासनिक प्राथमिकताओं का गलत उदाहरण है।
प्रशासन की ओर से हालांकि इसे एक अस्थायी व्यवस्था बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बड़े आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराना है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए वैकल्पिक रूप से ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प दिया गया है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
गाजियाबाद में स्कूल बसों को एयरपोर्ट उद्घाटन में लगाने का आदेश, ऑनलाइन कक्षाओं के निर्देश पर सियासत तेज


