एटा
जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जहां तेज रफ्तार मिट्टी से लदे डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दोनों गांवों में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, थाना जलेसर क्षेत्र के गांव गणेशपुर निवासी अक्षय (23) नोएडा में मजदूरी करता था और होली के त्योहार पर अपने घर आया हुआ था। इन दिनों वह गांव में रहकर आलू की खुदाई का काम कर रहा था। सोमवार रात करीब 8 बजे अक्षय अपने रिश्ते के फुफेरे भाई कन्हैया (24) निवासी जलालपुर के साथ बाइक से गणेशपुर से जलेसर की ओर जा रहा था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और अक्सर साथ ही आते-जाते थे।
जैसे ही उनकी बाइक जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर गांव नगला गोदी के पास पहुंची, तभी सामने से तेज गति से आ रहे मिट्टी से भरे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अक्षय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कन्हैया गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पता रहा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल कन्हैया को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए डंपर का पीछा किया, लेकिन चालक घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
जब दोनों युवकों के शव गांव गणेशपुर और जलालपुर पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मिट्टी खनन में लगे ओवरलोड डंपर बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिन पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। बिना नंबर प्लेट और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहे ये भारी वाहन आम लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलेसर-सिकंदराराऊ मार्ग पर ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं लगाया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा, खनन माफियाओं की सक्रियता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


