लखनऊ
मोहनलालगंज में तीन महीनों से पेयजल आपूर्ति ठप होने के मामले ने स्थानीय जनता में चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है। इस गंभीर स्थिति के बीच, डीएम विशाख जी ने जल निगम के संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है और अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी चेतावनी दी है।
डीएम मोहनलालगंज तहसील की जनसुनवाई के दौरान जनता ने जल संकट और लगातार जल आपूर्ति न मिलने की शिकायतें कीं। डीएम ने कहा कि पेयजल नागरिकों की मूलभूत जरूरत है और इसे बाधित करना प्रशासनिक गंभीरता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को इस मामले की तत्काल और गहन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके और पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो।
साथ ही डीएम ने अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं पर भी कड़ी नाराजगी जताई। नगर पंचायत के ईओ से महिला सफाईकर्मी को बिना नोटिस जारी किए हटाने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
स्थानीय जनता का कहना है कि तीन माह से पेयजल आपूर्ति ठप रहने के कारण उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी की कमी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की अनियमितताओं से नागरिकों में प्रशासन के प्रति विश्वास कमजोर हो सकता है, इसलिए डीएम के निर्देशों के अनुरूप त्वरित और प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
जल निगम और अन्य संबंधित अधिकारियों के लिए यह चेतावनी है कि जनता की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का परिणाम सीधे उनके करियर और जिम्मेदारियों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और समस्याओं का समाधान शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।


