इटावा
आर्थिक तंगी और खेती में हुए भारी नुकसान ने एक किसान की जिंदगी छीन ली। बताया जा रहा है कि आलू की फसल में लाखों रुपये का घाटा होने से आहत किसान ने कुछ दिन पहले आत्महत्या का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, किसान ने पहली बार बड़े स्तर पर खेती करने का निर्णय लिया था। इसके लिए उसने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर खेत बटाई पर लिया और उसमें आलू की फसल तैयार की। किसान को उम्मीद थी कि अच्छी पैदावार से उसकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, लेकिन बाजार में आलू के बेहद कम दाम मिलने से उसे करीब पांच लाख रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस नुकसान ने उसकी आर्थिक कमर तोड़ दी और वह कर्ज के बोझ तले दबता चला गया।
परिजनों के मुताबिक, आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के कारण किसान मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। इसी तनाव में आकर उसने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के समय परिजनों की नजर पड़ने से उसकी जान बचाने की कोशिश की गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सैफई के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चला।
लगातार उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और रविवार रात उसने दम तोड़ दिया। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पीछे उसकी पत्नी, मासूम बेटा और वृद्ध मां बेसहारा हो गए हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार का इकलौता सहारा था, जिससे इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर किसानों की आर्थिक स्थिति और फसलों के उचित दाम न मिलने की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।


