कानपुर देहात।शिवली थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पुलिस ने चोरी का फर्जी खुलासा दिखाते हुए एक आरोपी को अवैध हिरासत में रखा, जबकि पूरे मामले में कई विसंगतियां सामने आ रही हैं।
मामला शिवली थाना क्षेत्र के अरशदपुर गांव का है, जहां एक ज्वेलर्स की दुकान में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने इस मामले में 28 फरवरी को आरोपी की गिरफ्तारी दर्शाई, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए है।
बताया जा रहा है कि 25 फरवरी की सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ ज्वेलर्स की दुकान पर नजर आ रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि जब आरोपी पहले से ही पुलिस के साथ था, तो गिरफ्तारी 28 फरवरी को कैसे दिखाई गई?
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को तीन दिन तक अवैध हिरासत में रखा और बाद में उसे औपचारिक गिरफ्तारी दिखा दी।
चोरी गए माल की बरामदगी को लेकर भी पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने ज्वेलर्स से पूरा जेवर अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन एफआईआर के अनुसार बरामदगी का विवरण मेल नहीं खाता। पुलिस द्वारा खुलासे में केवल एक जोड़ी खड़ुआ दिखाना भी संदेह पैदा कर रहा है।
चोरी का फर्जी खुलासा और अवैध हिरासत का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल


