औरैया। जनपद के अजीतमल क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मातम का माहौल उस समय और गहरा गया, जब हादसे में जान गंवाने वाले 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौत का सदमा उसकी दादी की सगी बहन नहीं सह सकीं और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात आगरा जनपद के चित्राहट थाना क्षेत्र के गांव पई के पास कैला देवी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई थी। इस भीषण हादसे में कार सवार पांच लोगों—देवेंद्र, उनकी तीन वर्षीय बेटी आराध्या, पत्नी सीमा, पिता कांता प्रसाद तथा 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में चार लोग इटावा जनपद के निवासी थे, जबकि ऋषि अजीतमल क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का रहने वाला था।
बताया गया कि ऋषि राजपूत अपने चाचा रघुपति की कार लेकर इटावा स्थित नगला वर गया था, जहां से वह अपने चाचा के ससुराल पक्ष के लोगों को लेकर कैला देवी के दर्शन के लिए गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। परिजनों के अनुसार ऋषि ने हाल ही में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा दी थी और उसके भविष्य को लेकर परिवार में कई उम्मीदें थीं।
ऋषि की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उसकी दादी रामदेवी की सगी बहन करीब 75 वर्षीय सुखदेवी राजपूत, जो अजीतमल क्षेत्र के गिरधारीपुर गांव की निवासी थीं, शोक व्यक्त करने प्रतापपुर गांव पहुंचीं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जैसे ही वह ऋषि के घर की दहलीज पर पहुंचीं, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह मौके पर ही गिर पड़ीं।
घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अंशू ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में एक के बाद एक दो मौतों से मातम और गहरा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे। ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडेय, जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर, बाबरपुर-अजीतमल नगर पंचायत चेयरमैन के पति अखिलेश चक सहित कई सभासद और स्थानीय नागरिक शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
एक ही परिवार में लगातार हुई इन दो दुखद घटनाओं ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हर ओर चीख-पुकार और मातम का माहौल है, वहीं परिजन अपनों के असमय चले जाने के गम में बेसुध हैं।


