अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। कस्बा अमृतपुर में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां समाजसेवी अजीत सिंह यादव ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक दिव्यांग व्यक्ति की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण जगा दी।
जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार को अजीत सिंह यादव स्वयं दिव्यांग बुधपाल के घर पहुंचे और उनकी पारिवारिक व आर्थिक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पाया कि बुधपाल की पत्नी का करीब सात वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, जिसके बाद से वह अपने दो छोटे बच्चों—बेटा लखन (कक्षा 5) और बेटी वैष्णवी (कक्षा 6)—का पालन-पोषण मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह कर रहे हैं। दोनों बच्चे कस्बे के एक सरकारी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं।
बुधपाल की दयनीय स्थिति को देखकर अजीत सिंह यादव ने तुरंत मदद का आश्वासन दिया। अपने वादे को निभाते हुए उन्होंने मात्र एक सप्ताह के भीतर ही बुधपाल के लिए लकड़ी का खोखा बनवाकर उसमें परचून का सामान रखवा दिया, ताकि वह अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
शुक्रवार को अजीत सिंह यादव अपनी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं के साथ अमृतपुर पहुंचे, जहां उन्होंने फीता काटकर दुकान का उद्घाटन किया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और इस सराहनीय पहल की खुले दिल से प्रशंसा की।
इस अवसर पर अजीत सिंह यादव ने कहा कि जरूरतमंद, असहाय और दिव्यांग लोगों की मदद करना ही सच्ची समाजसेवा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह आगे भी ऐसे लोगों के लिए हरसंभव सहयोग करते रहेंगे।
ग्रामीणों ने भी इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्य न केवल जरूरतमंदों को सहारा देते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।


