नई दिल्ली: रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड की संपत्तियों का अधिग्रहण करने वाली कंपनी ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक अमित डांगी (Amit Dangi) से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, देवांग प्रवीण मोदी, रविंद्र सोमयाजुला राव और अन्य से जुड़े कथित 57.47 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डांगी जांच अधिकारी के समक्ष पेश हुए और उनसे लगभग सात घंटे तक पूछताछ की गई। सीबीआई ने 6 दिसंबर, 2025 को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड, देवांग प्रवीण मोदी, रविंद्र सोमयाजुला राव और अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ 57.47 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने अमित डांगी को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में जांच में शामिल होने के लिए तलब किया था।
अमित डांगी ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में पूर्णकालिक निदेशक हैं, जिसने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड की संपत्तियों का अधिग्रहण किया है, ये दोनों कंपनियां जांच के दायरे में हैं। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) से 11 नवंबर, 2025 को मिली एक शिकायत के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जिसमें बैंक को 57.47 करोड़ रुपये के गलत तरीके से हुए नुकसान का आरोप लगाया गया था।
एक वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी ने बताया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत एक फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें बड़े पैमाने पर धन के गबन का संकेत मिला है। इस कंसोर्टियम में 31 बैंक/वित्तीय संस्थान (जिनमें 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल हैं) हैं, जिनका कुल एक्सपोजर 4,097 करोड़ रुपये है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत के बाद, पंजाब नेशनल बैंक से भी एक शिकायत प्राप्त हुई। बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक का कुल एक्सपोजर 302.38 करोड़ रुपये है।
सीबीआई ने मुंबई स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किए और 9 दिसंबर, 2025 को मुंबई और पुणे में क्रमशः रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के आधिकारिक परिसर और देवांग प्रवीण मोदी के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।


